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कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के सहयोग व समर्थन से सम्मेलन को मिला व्यापक स्वरूप, 18 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
प्रयागराज। गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर के.पी. कम्युनिटी सेंटर में हिन्दू स्वाभिमान सम्मेलन भव्य रूप से संपन्न हुआ। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के जगतगुरु एवं अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि महाराज की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में हजारों लोगों ने भाग लिया।
सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ का महत्वपूर्ण सहयोग एवं समर्थन रहा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मंत्री नंदी ने सम्मेलन में रखे गए प्रस्तावों का समर्थन किया और सनातन धर्म से जुड़े विषयों पर समाज को संगठित एवं जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके समर्थन से आयोजन को व्यापक जनभागीदारी और गरिमापूर्ण स्वरूप मिला।
स्वामी चक्रपाणि महाराज का एकजुटता का संदेश
स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने कहा कि “जाति से ऊपर उठकर हम सब हिन्दू एक हैं।” उन्होंने कहा कि सनातनी समाज के सभी वर्गों को आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होना चाहिए। उन्होंने छुआछूत मिटाने और हिन्दू समाज को संगठित करने का सामूहिक संकल्प भी उपस्थित जनसमूह को दिलाया, जिसका सभी ने ‘ॐ’ के उच्चारण के साथ समर्थन किया।
स्वामी जी ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हिन्दू स्वाभिमान का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने घोषणा की कि हिन्दू स्वाभिमान को लेकर ऐसे सम्मेलन आगे भी विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे।
18 प्रस्तावों पर बनी सर्वसम्मति
सम्मेलन में मुंशी काली प्रसाद ‘कुलभास्कर’ जी को मरणोपरांत भारत रत्न देने, सनातन बोर्ड की स्थापना, गोहत्या निषेध के लिए केंद्रीय कानून और देव निंदा निषेध कानून सहित कुल 18 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। आयोजकों के अनुसार इन प्रस्तावों को ज्ञापन के रूप में प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा।
कार्यक्रम में महापौर गणेश केसरवानी, विधायक हर्ष बाजपेई, विधायक दीपक पटेल, कौशलेन्द्र नाथ सिंह एवं वरिष्ठ अधिवक्ता टी.पी. सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम संयोजक कुमार नारायण ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मंच संचालन राजेश केसरवानी एवं नवीन सिन्हा ने किया। इस अवसर पर अंजनी सक्सेना, शिव शंकर सिंह, सुशील खरबंदा, अनिमेष अग्रवाल, बच्चा भैया सहित अनेक लोगों को सम्मानित किया गया।
हजारों लोगों की उपस्थिति में पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। सम्मेलन ने हिन्दू समाज में सामाजिक समरसता, संगठन और स्वाभिमान के संदेश को प्रमुखता से सामने रखा।
इस संस्करण में नंदी जी के सहयोग को प्रमुखता दी गई है, लेकिन सम्मेलन की केंद्रीय भूमिका स्वामी चक्रपाणि जी महाराज की ही रखी गई है।




